शुक्रवार, 11 मार्च 2022

किशोर कुमार और मोहम्मद रफ़ी के यादगार अफ़साने

 किशोर कुमार और मोहम्मद रफ़ी के यादगार अफ़साने l रेट्रो किशोर


किशोर कुमार और मोहम्मद रफ़ी के यादगार अफ़साने l रेट्रो किशोर


नमस्कार दोस्तों, रेट्रो किशोर के मंच पर आपका स्वागत है| मैं हूँ एलन माइकल ‘किशोर’ |

अक्सर संगीत प्रेमियों के बीच में यह बहस होती है कि किशोर कुमार बेहतर या मोहम्मद रफ़ी बेहतर| जो किशोर कुमार के चाहने वाले हैं उन्हें किशोर कुमार बेहतर लगते हैं, और जो मोहम्मद रफ़ी के चाहने वाले हैं उन्हें मोहम्मद रफ़ी बेहतर लगते हैं| दशकों से ये दोनों कलाकार फिल्म संगीत के दो ध्रुव बने हुए हैं| चाहने वालों के बीच गर्मागर्म बहस भी होती है कि दोनों में से कौन बेहतर है? लेकिन दोस्तों क्या आप जानते हैं कि लोग चाहे जितनी भी बहस करें मगर यह दोनों लीजेंड आपस में बहुत अच्छे दोस्त थे और इसके कई उदाहरण मिलते हैं|


बात उन दिनों की है जब मोहम्मद रफ़ी हज से वापस आए थे| उस समय किशोर कुमार का सितारा बुलंदी पर था| किशोर कुमार अमिताभ बच्चन, राजेश खन्ना के लिए बेहतरीन गीत गा रहे थे और एक तरह से चढ़ते हुए सूरज थे| जब उनके गानों के बारे में एक इंटरव्यू के दौरान एक फ़िल्मी पत्रिका ने पूछा रफ़ी साहब से कि “आपका क्या विचार है किशोर कुमार के बारे में”| तो रफ़ी साहब ने खुले दिल से कहा कि “मुझे उनके गाने बहुत पसंद हैं| जब मैं अकेला होता हूँ तो मैं किशोर कुमार के गाने सुनता हूँ और मुझे बहुत सुकून मिलता है”| फिर फ़िल्मी मैगज़ीन ने यह भी पूछा रफ़ी साहब से है कि “इन दिनों किशोर कुमार आपसे ज़्यादा गाने रिकॉर्ड कर रहे हैं इसका क्या कारण है?” तब भी रफ़ी साहब ने बड़े खुले दिल से कहा कि “मैं जिन हीरोज़ के लिए गाने गाता था जैसे दिलीप कुमार, राजेंद्र कुमार, शम्मी कपूर| अब उनका कैरियर धीरे-धीरे खत्म हो रहा है, और नए हीरोज़ का ज़माना आ गया है जैसे राजेश खन्ना, अमिताभ बच्चन| अब जब इंडस्ट्री में नए हीरो आए हैं तो लोगों को नई आवाज़ भी चाहिए और उस चीज की पूरी भरपाई किशोर कुमार बहुत अच्छी तरीके से कर रहे हैं”| अपनी बात में रफ़ी साहब ने यह भी जोड़ा कि “किशोर कुमार के अंदर गाने के मूड को समझने की बहुत ही बेमिसाल प्रतिभा है”| यह तो थी रफ़ी साहब की बात कि उनके दिल में क्या विचार थे, कितने सुंदर विचार थे किशोर कुमार के लिए|


ऐसे ही उदाहरण किशोर कुमार के भी मिलते हैं, जब उन्होंने मोहम्मद रफ़ी के प्रति अपनी इज्जत दिखाई अपना प्यार दिखाया| 31 जुलाई 1980 को मोहम्मद रफ़ी का निधन हुआ है| उसके कुछ दिन बाद यानी 4 अगस्त को किशोर कुमार का बर्थडे था| सब लोग उनका बर्थडे मनाना चाहते थे| पर किशोर कुमार ने मना कर दिया| उन्होंने कहा “अभी चार दिन पहले ही तो मेरे सबसे अच्छे दोस्त की मृत्यु हुई है मैं अपना बर्थडे कैसे सेलिब्रेट कर सकता हूँ”|



किशोर कुमार मोहम्मद रफ़ी को हमेशा अपने बड़े भाई की तरह मानते थे| इसका एक उदाहरण और मिलता है जब मोहम्मद रफ़ी साहब के निधन के बाद किशोर कुमार 80 के दशक में कोलकाता में एक स्टेज शो कर रहे थे| वह अपनी स्टेज परफॉर्मेंस देने के बाद जब स्टेज के नीचे आए पीछे की तरफ| तो उन्होंने देखा कि एक आदमी रेडियो पर कुछ सुन रहा था और उसने किशोर कुमार को देखकर रेडियो बंद कर दिया| किशोर कुमार उसके पास गए और उससे पूछा कि “भाई साहब आपने रेडियो क्यों बंद किया”? तब उस आदमी ने डरते हुए कहा “किशोर दा रेडियो पर मोहम्मद रफ़ी साहब का गाना आ रहा था, मैंने आपको देखकर इसलिए बंद कर दिया कि कहीं आप बुरा ना मान जाए”| तब किशोर कुमार ने उस आदमी से कहा कि “तुम कैसी बात करते हो| मोहम्मद रफ़ी मेरे बड़े भाई की तरह थे| अगर तुमने तुरंत रेडियो चालू नहीं किया तो मैं बुरा मान जाऊंगा”|


तो दोस्तों हम लोग आपस में चाहे कितनी भी बहस करें कि किशोर कुमार बेहतर या मोहम्मद रफ़ी बेहतर| लेकिन हकीकत तो यह है दोस्तों कि यह दोनों कलाकार आपस में बहुत अच्छे दोस्त थे, और इन्होंने अपनी दोस्ती हमेशा निभाई और मौका आने पर अपनी दोस्ती का परिचय भी दिया| जैसे कि कुछ किस्से मैंने अभी आपको बताए हैं|

दोस्तों मैं इसी तरह के किस्से आप लोगों के लिए लेकर आता हूँ और आगे भी लेकर आता रहूँगा| आप लोगों से सिर्फ इतना निवेदन है कि आप हमारे पोस्ट को लाइक करें, शेयर करें और हमारे ब्लॉग को फॉलो करें| बस दोस्तों आज के लिए इतना ही| अगले पोस्ट तक के लिए धन्यवाद| 

नमस्कार|

Script: Allen Michel 'Kishore'
Editing and Production: Sheikh Mustak

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